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बिहार में दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार मिला, कई जिलों में नीलामी की तैयारी तेज

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बिहार में कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स और ग्लॉकोनाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार की पहचान हुई है। बांका, भागलपुर और रोहतास जिलों में खनन ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी चल रही है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार की पहचान के बाद राज्य में खनन और औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं तेज हो गई हैं। राज्य सरकार और केंद्र की संयुक्त पहल के तहत कई जिलों में मिले इन खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे न केवल निवेश बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।

खान एवं भू-तत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने बिहार में कुल 14 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की पहचान की है। इनमें कोबाल्ट, पैलेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट और दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) जैसे अहम खनिज शामिल हैं। इन खनिजों को रणनीतिक और औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

बांका में कोबाल्ट भंडार की पुष्टि, नीलामी की तैयारी

जानकारी के अनुसार बांका जिले में कोबाल्ट के बड़े भंडार मिलने के संकेत मिले हैं। कोबाल्ट आधुनिक तकनीक के लिए बेहद महत्वपूर्ण धातु है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में किया जाता है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस ब्लॉक को व्यावसायिक खनन के लिए जल्द ही नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे निजी निवेशकों की रुचि बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

भागलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की पहचान

भागलपुर जिले के बटेश्वरस्थान क्षेत्र में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) के संकेत मिले हैं। इसके साथ ही क्रोमाइट खनिज की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन खनिजों का व्यावसायिक खनन शुरू होता है, तो बिहार देश के महत्वपूर्ण खनिज उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स आधुनिक तकनीक के लिए अत्यंत आवश्यक माने जाते हैं। इनका उपयोग रक्षा उपकरणों, मिसाइल सिस्टम, रडार, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, स्मार्टफोन, लैपटॉप, कैमरा लेंस और अन्य हाई-टेक उत्पादों में किया जाता है।

रोहतास में ग्लॉकोनाइट के तीन ब्लॉक होंगे नीलाम

रोहतास जिले में ग्लॉकोनाइट के तीन खनन ब्लॉकों की पहचान की गई है। इसके अलावा नवादा जिले में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट ब्लॉक की नीलामी की तैयारी भी की जा रही है।

ग्लॉकोनाइट का उपयोग मुख्य रूप से इस्पात, रासायनिक उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन खनिजों का उपयोग बढ़ने से राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा मिल सकती है।

एमएसटीसी करेगी नीलामी प्रक्रिया का संचालन

सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (MSTC) ने इन खनन ब्लॉकों के लिए बोलियां आमंत्रित कर दी हैं। जानकारी के अनुसार 20 मई के बाद नीलामी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू किया जा सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी ताकि अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।

राज्य में निवेश और रोजगार की नई उम्मीद

राज्य सरकार का मानना है कि इन खनिज संसाधनों के व्यावसायिक दोहन से बिहार में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इससे न केवल बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि इन परियोजनाओं को समय पर और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया तो बिहार आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल हो सकता है।

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